हमारे पुराने समय के ऋषि-मुनियों और वैदिक ज्ञान में शरीर और गहनों के बीच गहरा संबंध माना गया है। उनके अनुसार स्त्री के शरीर में सन्तान पैदा करने की शक्ति को सही बनाए रखने के लिए ऊर्जा और ठंडक का संतुलन जरूरी होता है। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए सोना और चाँदी के आभूषणों का सही जगह पर पहनना बताया गया। सिर में सोना : सिर में सोना पहनने से शरीर में गर्म ऊर्जा (ऊष्मा) पैदा होती है, जिससे दिमाग सक्रिय…
बहुत पुरानी बात है। मेरे दादा जी हमेशा कहा करते थे “बेटा, शरीर कितना भी बड़ा हो जाए, असली जड़ तो पैरों में ही है। पेड़ की जड़ सूख जाए तो कितना भी हरा पेड़ हो, सूख ही जाता है।” यही बात उन्होंने मुझे समझाई थी । पैरों के तलवों में तेल लगाना कभी मत छोड़ना। मैंने यह बात पहले कभी गंभीरता से नहीं ली थी। लेकिन एक बार कलकत्ता में मेरे दादा जी को एक बूढ़े मजदूर ने यह राज बताया था , वही मजदूर जो रेलवे लाइन…
हंसी- एक अचूक औषधि- एक व्यक्ति ने अपना सर्वस्व एक अस्पताल को दान कर दिया। उसने अपने पास केवल एक एल्बम रख लिया। बाज़ार में तो उसकी कीमत कुछ भी नहीं थी, क्योंकि उसमें किन्हीं महान हस्तियों के चित्र नहीं थे। उस एल्बम में दुनिया भर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं से एकत्रित हंसते हुए पात्रों की हास्यात्मक तस्वीरों का संग्रह था। वह इस एल्बम को पीड़ा से कराहते हुए लोगों को जब दिखाता तो वे अपना दर्द: भूल…
सास ने बहुओं के कान भरे और बाहर बुराई भी की, फिर भी अपना और परिवार का जीवन खुशहाल बना लिया। आखिर कैसे और क्यों हुआ यह उल्टा प्रभाव...? चमकी काकी के दोनों बेटों ने प्रेम विवाह किया। उन्हें मां की तरफ से एक अच्छे-खासे हंगामें और विरोध की आशंका थी, लेकिन उसके विपरित काकी ने एक सौ एक रुपए देकर दोनों बहूओं को प्यार से स्वीकार कर लिया था। बहू-बेटे सब कामकाजी थे। काकी जानती थी, जमाना बदल रहा है और…
मेरे घर के आगे रोज कोई नींबू जिसके अंदर शायद सिंदूर लगा रहता था, फेंक कर चला जाता था। मैं इन सारी चीजों को नहीं मानता, और मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता था। सुबह घर में झाड़ू लगाते वक्त जब बाहर के गेट को खोलकर मेरी पत्नी कूड़ा बाहर कूड़ेदान में डालने जाती है, तो मुख्य द्वार पर ठीक सामने रोज उसे वह नींबू दिखता, जिसे कि वह हाथ भी नहीं लगती। बाद में सड़क के साफ सफाई के वक्त वह वहां से हट जाता है, या किसी…
भौतिक सफलता और अकेलापन... पद, पैसा, प्रतिष्ठा, शोहरत पैरों में लोटती है, फिर भी बिल गेट्स की पत्नी इस उम्र में तलाक क्यों लेती है? हम भ्रम में हैं कि शिक्षा से इंसान समृद्ध होता है, तो उच्च शिक्षितों के माँ-बाप वृद्धाश्रमों में क्यों पाए जाते हैं? कोई डिप्रेशन का शिकार है, वह आत्महत्या कर लेता है। जिसे समझते हैं सेलिब्रिटी, वह एकाकीपन में मरता है। जिसने नाम कमाया, उसे आनंद क्यों नहीं मिलता? क्या…
जब हम दो भोजन के बीच आठ घंटे का उपवास रखते हैं, तो वह उपवास हमारे भीतर फिर से भूख की तैयारी करता है। यही भूख भोजन का वास्तविक स्वाद बनाती है। अगर कोई व्यक्ति दिनभर कुछ न कुछ खाता ही रहे, तो उसकी भूख मर जाती है, और उसके साथ ही भोजन का रस भी खत्म हो जाता है। यह एक उलटबांसी-सी बात लग सकती है, पर यही जीवन का गहरा सत्य है, भोजन का आनंद भूख में है। जितनी गहराई से भूख लगती है, उतना ही गहराई से भोजन का…
जीवन को हँसते-खेलते जीना चाहिए.. ऐसा कहा जाता है....लेकिन कई लोग बचपन में ही खेलना भूल जाते हैं, और जिम्मेदारियों का बोझ उनकी हँसी को धीरे-धीरे दबा देता है। अगर कभी कोई निर्णय गलत भी हो जाए, तो चिंता की बात नहीं, बस अपने आप पर विश्वास रखिए। जीवन को किसी भी मोड़ से फिर से शुरू किया जा सकता है। जब अपने हाथों से कोई अच्छा काम कर लेते हैं, तो वही दिन हमारे चेहरे पर सुकून और मुस्कान छोड़ जाता है। दिल…
जब कोई बच्चा जन्म लेता है, तो वह अपनी मुट्ठी बंद रखता है। कहा जाता है कि वह अपना भाग्य मुट्ठी में लेकर आता है। कितनी भी कोशिश करो, वह बच्चा अपनी मुट्ठी नहीं खोलता। पर यह भाग्य तब ही खुलता है जब वह मेहनत (पुरुषार्थ) करता है। हर इंसान अकेला इस दुनिया में आता है, अपने भाग्य को आज़माने। उसे परिवार मिलता है, संपत्ति मिलती है। वह बड़ा होकर ज़मीन-जायदाद खरीदता है, घर बनाता है, लोगों को काम पर रखता है,…
एक बार एक पंडितजी काशी में विद्या अध्ययन करने गये। बारह वर्ष तक पढ़ाई की। सब कुछ पढ़ लिया — वेद, शास्त्र, पुराण, श्रुतियाँ, ग्रंथ, आरण्यक, उपनिषद आदि पढ़कर वापस घर आये तो पिताजी से कहा - “मैं सब कुछ पढ़कर आया हूँ, मुझे सब कुछ याद है, आप कुछ भी प्रश्न पूछिए, मैं उत्तर दूँगा।” पिताजी बोले - “बेटा, जब सब तुझे याद है तो मेरे एक छोटे से प्रश्न का उत्तर दे दे।” बेटे ने कहा - “पूछिए पिताजी।” पिताजी ने…