
चलते चलते थक सा गया था, एक पेड़ के नीचे रुका तो एहसास हुआ कि घर से बहुत दूर आ चुका था - एकदम से मन में सैकड़ो सवाल गूँज गए - खाने-पीने का क्या होगा, कहीं कोई बड़े जानवर का शिकार बन गया तो?

चलते चलते थक सा गया था, एक पेड़ के नीचे रुका तो एहसास हुआ कि घर से बहुत दूर आ चुका था - एकदम से मन में सैकड़ो सवाल गूँज गए - खाने-पीने का क्या होगा, कहीं कोई बड़े जानवर का शिकार बन गया तो?
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