यदा प्रियो दोषभाक् स्यात् तदाल्पो भाति दोषकः।अप्रियेतु स्थितो दोषः स्वल्पो भूमिधरायते॥ जब कोई व्यक्ति हमें प्रिय होता है, तब उसके भीतर का दोष बहुत छोटा दिखाई देता है।और जब वही दोष किसी अप्रिय व्यक्ति में होता है, तो अत्यन्त छोटा दोष भी पहाड़ जैसा भारी लगने लगता है। सदैव आत्मनिरीक्षण करो – क्या मैं मन ... Read more The post Biased relations appeared first on Prachodayat .
हाल में वैज्ञानिकों ने यह देखा कि स्त्रियाँ सामान्यतः पुरुषों से अधिक आयु क्यों जीती हैं। अनेक कारण बताए जाते हैं, परन्तु एक महत्त्वपूर्ण आधार है- मातृत्व। मातृत्व केवल शारीरिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गहरी जीवन-शक्ति को जगाने वाला रूपांतरण है। यह रूपांतरण शरीर, मन और प्राण-तीनों को दीर्घायु की दिशा में ले जाता है। यह ... Read more The post मातृत्व भाव दीर्घायुता प्रदान करता है appeared first on…
ऊर्ध्वं प्राणा ह्युत्क्रामन्ति यूनः स्थविर आयति ।प्रत्युत्थानाभिवादाभ्यां पुनस्तान्पतिपद्यते ॥ १॥ जब कोई युवा व्यक्ति किसी वृद्ध या बड़े के सामने बिना सम्मान के बैठा रहता है, तब उसके “प्राण ऊपर चले जाते हैं” — अर्थात् उसका तेज, पुण्य और सौभाग्य घटता है।परन्तु जब वह बड़े व्यक्ति को उठकर अभिवादन करता है, नमस्कार करता है, तब ... Read more The post Respect elders for long healthy life appeared first…
हर व्यक्ति को जीवन में एक दिशा, उद्देश्य या संकल्प मिलना चाहिए — यह सिर्फ प्रेरणा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, दीर्घायु और मनो-शारीरिक कल्याण के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण पाया गया है। कई शोधों में यह स्पष्ट हुआ है कि जिन लोगों के पास स्पष्ट जीवन-उद्देश्य होता है, वे मानसिक रूप से अधिक सुदृढ़ होते हैं, ... Read more The post Life purpose and logevity appeared first on Prachodayat .
#prachodayathealth त्वचा रक्तचाप और हृदयगति को नियंत्रित करने में आश्चर्यजनक भूमिका निभाती है — यह बात इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और स्वीडन के करोलिन्स्का संस्थान के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट की है। त्वचा की उपेक्षा न करें। इसका ध्यान रखें! यह आपके रक्तचाप और हृदय की गति को नियंत्रित करती है। यह शरीर का सबसे ... Read more The post Skin massage for blood pressure management appeared first on…
बच्चा सो नहीं रहा? डरा दो!बच्चा भोजन नहीं कर रहा? धमकी दो! बच्चा कुचेष्टा कर रहा है? मारो! इस रूप की अभिभावकता ही भविष्य के विकारी समाज को जन्म देती है। एक सामान्य बात जो मैंने देखी वह यह है कि कई माता-पिता अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए (बच्चे को सुलाना या बच्चे को ... Read more The post Fear based parenting – Avoid appeared first on Prachodayat .
आयुर्वेद में मन का प्रधान स्थान हृदय माना गया है, किन्तु त्वचा को मन का प्रत्यक्ष प्रतिबिम्ब कहा गया है। * भय होने पर मुख पीला पड़ जाता है,* लज्जा आने पर मुख पर लालिमा छा जाती है,* आनन्द होने पर मुख पर तेज प्रकट होता है। त्वचा से मन की अवस्था जानी जा सकती ... Read more The post Skin reflects mental states appeared first on Prachodayat .
#prachodayatroots [Originally written on 11 October 2018] What is culture? It is a shield against the external onslaught on society. Nothing but total sum of content we generate by our physio-social, psycho-social & bio-social interactions. This is unique for each local terrain. Strong cultural roots ensures eternal stability for society. This narratives are transmitted from ... Read more The post…
जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तब ऐसा दृश्य हुआ – अश्वानां खरशब्दैश्च रथनेमिस्वनेन च।शङ्खदुन्दुभिनादेन संचचालेव मेदिनी॥ (६-१२७-२१) “नादेन सञ्चचालेव मेदिनी”अर्थात् पृथ्वी या भवन को हिलाने के लिए जिस ध्वनि की आवश्यकता होती है, वह विस्फोटक नाद के बिना सम्भव नहीं। — *दीपावली, पटाखे और ध्वनि का महत्त्व* दीपावली केवल दीप प्रज्वलन का पर्व नहीं है, ... Read more The post दीपावली पर राम आगमन appeared first on…