रांची से धर्मेंद्र गिरी की रिपोर्ट
रांची : झारखंड विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को शुक्रवार को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा प्रशासन की ओर से तत्काल रांची के विधानसभा थाना में इसकी लिखित सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया.
बीडीडीएस टीम ने 4 घंटे खंगाला परिसर
सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर की बीडीडीएस (बम निरोधक एवं पहचान दस्ता) टीम मौके पर पहुंची. बीडीडीएस की टीम ने झारखंड विधानसभा, प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) और सीएमओ परिसर का करीब चार घंटे तक चप्पा-चप्पा खंगाला. हालांकि, सघन तलाशी अभियान के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई. हालांकि, एहतियात के तौर पर तीनों अति-संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
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ई-मेल के सोर्स की तकनीकी जांच
पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए. जिस ई-मेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, साइबर सेल और तकनीकी टीम उसके आईपी एड्रेस (IP Address) और सोर्स को ट्रैक करने में जुट गई है. पुलिस धमकी देने वाले आरोपी की पहचान करने और धमकी की असलियत का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
मार्च में भी मिली थी ऐसी ही धमकी
झारखंड के सरकारी भवनों और अदालतों को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले इसी साल मार्च महीने में रांची समाहरणालय (कलेक्टरेट) के अलावा धनबाद और साहिबगंज सिविल कोर्ट को भी ई-मेल भेजकर बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. उस वक्त भी आनन-फानन में कोर्ट परिसरों को खाली कराकर डॉग स्क्वॉड और बीडीडीएस की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा था. हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. 11 अगस्त को विधानसभा के अधिकारी को इस संबंध में कॉल/सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद से ही सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क है.
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