ग्वालियर: Gwalior Cyber Fraud Update मध्यप्रदेश के ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में साइबर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। (Madhya Pradesh Cyber Crime) पुलिस ने आरोपी पिंकेश सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते में करीब 1.20 करोड़ रुपये की ठगी की रकम पहुंची थी।
Gwalior Cyber Crime जांच के मुताबिक, पिंकेश के खाते में यह रकम सिर्फ मध्य प्रदेश से नहीं, बल्कि 5 अलग-अलग राज्यों से ट्रांसफर होकर आई थी। पुलिस अब इन पैसों के लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिंकेश कथित तौर पर कंबोडिया से संचालित हो रहे साइबर ठगी के कॉल सेंटर से जुड़ा हुआ था।
फर्जी शेयर ट्रेडिंग से 21.05 करोड़ रुपये की ठगी
दअरसल ग्वालियर राज्य साइबर सेल के मुताबिक CA अशोक विजयवर्गीय को फर्जी शेयर ट्रेडिंग में फंसाकर 21.05 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 10 लाख रुपये सीधे पीके के इंडसइंड बैंक के चालू खाते में आए थे। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर साइबर सेल की टीम मंदसौर पहुंची और पीके को दबोच लिया। पूछताछ में पीके ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि कंबोडिया में बैठे साइबर माफिया ने ट्रेडसीबीओईयूएस नाम से एक बेहद एडवांस फर्जी वेब पेज बना रखा था। इसी पेज पर CA को फर्जी शेयर ट्रेडिंग और करोड़ों का नकली मुनाफा दिखाकर निवेश कराया जाता था।
कंबोडिया से चल रहे कॉल सेंटर से कनेक्शन
यह पूरा वेब पेज विदेश की फर्जी IP से संचालित होता था। ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा क्रिप्टो और हवाला के जरिए कंबोडिया भेज दिया जाता था। पीके को इसके बदले सिर्फ 20 हजार रुपये महीना सैलरी और प्रति ट्रांजैक्शन कमीशन मिलता था। पीके ने इंदौर में ट्रेडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की आड़ में ऑफिस खोल रखा था। वह बेरोजगार युवाओं को नौकरी पर रखता और सैलरी व सत्यापन के नाम पर उन्हीं के नाम अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा लेता था।
इन्हीं म्यूल अकाउंट्स में ठगी की रकम डायवर्ट की जाती थी।जांच में पीके के एक खाते में ही 1 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन मिला है। वह MP के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित 7 राज्यों की पुलिस का वांटेड भी है। साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि इस मामले में शाजापुर के भोजपुरा से पहले ही 2 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जिसमें शाजापुर का भाजपा नेता भी शामिल था। सभी ने APK फाइल के जरिए ठगी करने का तरीका बताया है। पीके के कुछ अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब पीके के बैंक खातों, सर्वर और अन्य एजेंटों की कड़ियां जोड़कर पूरी चेन को तोड़ने में जुटी है।
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